
यवनिका संस्था अपनी स्थापना के साथ सीढ़ी- दर- सीढ़ी लगातार चढ़ती गयी । नाटक,विचार गोष्ठी,गायन,सामान्य ज्ञान प्रतियोगिताएँ आदि अनेक कार्यक्रम पूरे नेशनल लेवल पर होते रहे .शिमला,सोलन, बरेली, दिल्ली ,नागपुर, इलाहाबाद,पटना,आदि आल इंडिया ड्रामा एंड डांस कम्पटीशनमें यवनिका भाग लेती रही .कई -कई जगहों से नाटक तथा डांस के संस्था को बेस्ट प्ले ,तथा बेस्ट एक्टिंग के लिए हमारे कलाकारों को अवार्डमिलता रहा।अनेक बार लॉन्ग प्ले किए गए जिनमे प्रमुख है - औरत,टंकारा का गाना,मुख्यमंत्री,बेबी, आधे-अधूरे,बिदेसिया,आदि। लेकिन भिखारी ठाकुर के नाटक "बिदेसिया" ने सबसे ज्यादा हमलोगों को चर्चा में रख.सफ़दर हाशमी साब की नाटक "औरत "की प्रस्तुति सईकोफिजीकल थी,जिसके लिए संस्था कोअखिल भारतीय स्तर पर सर्वश्रेठ नाटक का अवार्ड मिला तो संस्था की सक्रिय सदस्य स्वयम्बरा को सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का अवार्ड मिला .सभी सदस्य उत्साहित भी थे तथा कुछ कर दिखने की जज्बा लिए लगातार आगे बढ़ते रहे।
क्रमश: ।
